रांची:
पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (PET) की शिकायत पर रांची में लगी अजंता सर्कस (Ajanta Circus) के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस सर्कस के खिलाफ जगरनाथपुर थाना (Jagarnathpur Police Station) में जानवारों के साथ क्रूरता,जैसे उड़ने से रोकने के लिए पंख काटने वाली घटनाओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद रांची पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी में 3 व्यस्क स्पिटज कुत्ते, कुत्ते के तीन शिशुओं और एक घोड़े को जब्त किया गया। सभी जानवरों को इलाज के लिए पशु चिकित्सक (veterinary doctor) के साथ ले जाया गया है। जिसके बाद इन सभी के इनके सही स्थान पर भेज दिया जाएगा।

पेट डिप्टी डाइरेक्टर ने रांची पुलिस की सराहना की
बता दें कि 19 अक्टूबर को जीव जंतु कल्याण बोर्ड नामक केंद्रीय सरकारी निकाय ने सर्कस के खिलाफ प्रदर्शनकारी पशु पंजीकरण नियम 2001 के खिलाफ निर्देश जारी किए थे। AWBI के निरीक्षण और पेट इंडिया की जांच में सामने आया था कि अजंता सर्कस अपने मनोरंजन के लिए अवैध ढंग से जानवरों का प्रयोग कर रहा है। बता दें कि अजंता सर्कस द्वारा निरंतर कानूनी उल्लंघन किया जा रहा है। उनके द्वारा इससे पहले कोलकाता में भी अवैध ढंग से जानवरों का प्रयोग किया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रांची पुलिस को पेट इंडिया के डिप्टी डाइरेक्टर एडवोकेसी हर्षिल माहेश्वरी ने जानकारी देकर छापेमारी करने को कहा। मिली जानकारी के अनुसार जांच कर्मी द्वारा जांच के दौरान जिन जानवरों को प्रदर्शन करते देखा गया था। उन्हें कथित रूप से छुपा दिया गया और वह छापामारी के दौरान कहीं भी जांच कर्मियों ने नहीं मिले थे। बता दें कि हर्षिल माहेश्वरी ने रांची पुलिस की इस तत्काल कार्रवाई के लिए उनकी सराहना की है।

PET इंडिया के जांच में क्या आया सामने
PET इंडिया के जांच में सामने आया कि लंबे समय से जानवरों के साथ बेहद बुरा व्यवहार किया जा रहा था। पशुओं को पिंजरों और जंजीर से बांध कर रखा जा रहा था। उन्हें हर तरह की प्रकृतिक और चिकित्सकीय सुविधा से वंचित रखा जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया था कि जानवरों को समय से खाना-पानी तक नहीं दिया जा रहा था और उनसे जबरन काम लिया जा रहा है। ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में रहने के कारण कई जानवरों में खतरनाक मानसिक बीमारियों के लक्षण देखने को मिले। पेट इंडिया जो इस धारणा में विश्वास रखता है कि जानवर हमारा मनोरंजन करने के लिए नहीं प्रजातिवाद का विरोध करता है। क्योंकि यह एक ऐसी विचारधारा है जिससे मनुष्य संसार में स्वयं को सबसे ऊपर मानते है और बाकी जातियों का शोषण करते हैं।