रांची:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देशवासियों को ‘बिरसा मुंडा जयंती‘ ('Birsa Munda Jayanti') पर अपना संदेश दिया। PM ने ट्विटर हैंडल पर वीडियो पोस्ट कर कहा है कि देशवासियों को ‘जनजातीय गौरव दिवस‘ की शुभकामनाएं’ दी। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती श्रध्दा और सम्मान के साथ मना रहा है। मैं देश के महान क्रांतिकारी सपूत भगवान बिरसा मुंडा को आदर पूर्वक नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर की ये तारीख भारत की आदिवासी परंपरा के गौरव गान का विशेष दिन है। मैं इसे अपनी सरकार को सौभाग्य मानता हूं कि 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित करने का अवसर मिला।
आप सभी को जनजातीय गौरव दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी शत-शत नमन। #JanjatiyaGauravDivas https://t.co/mu61vJ3YDH
— Narendra Modi (@narendramodi) November 15, 2022
झारखंडवासियों को दी बधाई
प्रधानमंत्री ने समस्त झारखंडवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि मेरी कामना है कि प्राकृतिक संसाधन और जनजातीय कला-संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश प्रगति की ऊंचाइयों को प्राप्त करे।
समस्त झारखंडवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई। मेरी कामना है कि प्राकृतिक संसाधन और जनजातीय कला-संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश प्रगति की ऊंचाइयों को प्राप्त करे।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 15, 2022
2021 में बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ किया गया था घोषित
आपको बता दें कि पिछले साल यानी 2021 में बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर में पोस्ट वीडियो में कहा कि भगवान ‘बिरसा मुंडा’ केवल हमारी राजनीतिक आजादी के महानायक ही नहीं बल्कि वो हमारी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक ऊर्जा के संवाहक भी थे। उन्होंने कहा कि आज देश भगवान बिरसा मुंडा समेत करोड़ों ‘जनजातीय वीरों’ के सपनों को पूरा करने की देश में आगे बढ़ रहा है।

युवा स्वतंत्रता सेनानी और एक आदिवासी नेता थे बिरसा मुंडा
बिरसा मुंडा एक युवा स्वतंत्रता सेनानी और एक आदिवासी नेता थे। उन्हें् 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक सशक्त विद्रोह के लिए याद किया जाता है, जिससे अंग्रजी हुकूमत खार खाती थी। बिहार और झारखंड के आदिवासी इलाकों में जन्मे और पले-बढ़े बिरसा मुंडा के राष्ट्रीय आंदोलन को याद करते हुए, वर्ष 2000 में उनकी जयंती पर झारखंड राज्यड बनाया गया था।