नंदलाल तुरी
महेशपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 20 वर्षीय ललिता मरांडी की मस्तिष्क विहीन बॉडी की पहचान कर हत्या के आरोपी विजय हेंब्रम को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस मामले की जानकारी शनिवार को पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने प्रेस मीट के माध्यम से दी।
एसपी ने बताया कि 2 सितंबर को महेशपुर थाना क्षेत्र के स्थानीय चौकीदार से सूचना मिली थी कि बुधारपोखर कैनाल से करीब 50 मीटर की दूरी पर एक नाले में सड़ी-गली मस्तिष्क विहीन अवस्था में एक महिला की लाश पड़ी हुई है। घटना की सत्यापन के बाद महेशपुर थानेदार ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और पाया कि यह अज्ञात महिला की लाश है। इस दौरान आसपास के लोगों से पहचान कराई गई, लेकिन किसी ने भी शव की पहचान नहीं की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया और फिर दुमका स्थित मेडिकल कॉलेज में भेजा गया।
पुलिस ने 2 सितंबर को महेशपुर थाने में कांड संख्या 148/25 दर्ज कर जांच शुरू की। एसडीपीओ महेशपुर के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बुधारपोखर गांव से 23 अगस्त को एक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसे हत्याकांड से जोड़ा गया। तकनीकी साक्ष्य के आधार पर जांच की गई और शव की पहचान ललिता मरांडी के रूप में की गई।
5 सितंबर को आरोपी विजय हेंब्रम को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि विजय हेंब्रम और ललिता मरांडी के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन ललिता शादी के लिए तैयार नहीं थी। इस पर नाराज होकर विजय हेंब्रम ने 18 अगस्त को जन्माष्टमी के मौके पर ललिता को नहर के किनारे बुलाया और वहां उसकी हत्या कर दी। उसने ललिता को सर पर हमला कर, गला दबाकर मारा और शव को नहर में फेंक दिया। शव की बरामदगी 2 सितंबर को हुई थी।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी वारदात को स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से ललिता का ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया है। एसपी ने बताया कि इस मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी जांच जारी है। इस हत्याकांड का खुलासा करने में छापेमारी टीम में एसडीपीओ महेशपुर विजय कुमार, थाना प्रभारी महेशपुर रवि शर्मा, सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार, अजय कुमार महतो, आरक्षी अभिजीत राज और प्रीतम शामिल थे।
