द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के गोड्डा जिला अंतर्गत बलवड्डा थाना की सरकारी चारपहिया वाहन की हालत बेहद जर्जर और चिंताजनक है। स्थिति यह है कि वाहन का इंजन स्टार्ट करने के लिए चार लोगों को धक्का लगाना पड़ता है, तब जाकर गाड़ी चालू होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पुलिस की गाड़ी ही इस हाल में है, तो कानून की रफ्तार कैसे तेज होगी और अपराधियों तक समय पर कैसे पहुंचा जाएगा। यह स्थिति न सिर्फ पुलिस व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है, बल्कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही पर भी सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये पुलिस संसाधनों पर खर्च होने के बावजूद अगर थानों में तैनात वाहनों की यह हालत है, तो व्यवस्था की गंभीर समीक्षा की जरूरत है।
