द फॉलोअप डेस्क
सारंडा के कुमडीह से सटे बहदा गांव के होजोंदिरी जंगल में कोबरा 209 बटालियन और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद अब कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मुठभेड़ में मारे गए 17 माओवादियों के शवों का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल, चाईबासा में कड़ी सुरक्षा के बीच किया जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शनिवार की पूरी रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी रही, जिसके तहत अब तक 8 माओवादियों के शवों का परीक्षण संपन्न हो चुका है। शेष 9 शवों का पोस्टमार्टम रविवार सुबह 10 बजे से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
मामले की संवेदनशीलता और शवों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने 18 डॉक्टरों की छह विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें रोटेशन के आधार पर काम कर रही हैं ताकि पोस्टमार्टम का कार्य बिना किसी देरी के और चिकित्सा मानकों के अनुरूप पूरा किया जा सके।
शनिवार देर रात खूंखार माओवादी अमित मुंडा और उसकी पत्नी के शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, मध्यरात्रि लगभग 12:30 बजे परिजन दोनों के शव लेकर अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। अन्य 15 शवों को फिलहाल सदर अस्पताल के सुरक्षित गृह में रखा गया है।
मुठभेड़ के बाद उत्पन्न स्थिति और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को देखते हुए सदर अस्पताल परिसर और उसके आसपास के इलाकों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है और प्रशासन पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी अलर्ट पर रखा गया है।
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