द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा जिले में निजी विद्यालयों द्वारा री-एडमिशन, पुस्तकों और विभिन्न शुल्कों के नाम पर की अवैध वसूली का आरोप लगा है. इसे लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। छात्र अभिभावक संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गए आवेदन के बाद गढ़वा के उपायुक्त दिनेश यादव ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। निजी स्कूलों पर आरोप है कि वे अभिभावकों से अवैध रूप से एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज सहित अन्य कई प्रकार के शुल्क वसूल रहे हैं। इसके अलावा महंगे प्रकाशकों की किताबें जबरन बेचने और परीक्षा शुल्क के नाम पर अत्यधिक राशि लेने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
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प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर अभिभावकों की समस्याओं को विस्तार से रखा। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि री-एडमिशन या किसी अन्य नाम से अतिरिक्त शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी निजी विद्यालय इस प्रकार की वसूली करते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल बस और ऑटो में बच्चों को अधिक संख्या में ले जाने पर रोक लगाने सहित अन्य मांगें भी प्रशासन के सामने रखीं। उपायुक्त दिनेश यादव ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि किसी भी विद्यालय में री-एडमिशन के नाम पर जबरन अवैध वसूली की जाती है, तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
