द फॉलोअप डेस्क
स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता एवं पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में जिला कांग्रेस कमेटी सिमडेगा ने पुष्पा कुल्लू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूषण बाड़ा द्वारा जारी निलंबन सूचना में बताया गया है कि झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 2 फरवरी 2026 को निर्देश दिया था कि नगर निगम और नगर परिषद के लिए उम्मीदवारों का चयन जिला स्तरीय राजनीतिक मामलों की समिति के परामर्श और सर्वसम्मति से किया जाएगा। पार्टी केवल सर्वसम्मत उम्मीदवारों का ही समर्थन करेगी। इसके बाद 5 फरवरी 2026 को जारी पत्र में नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026, अपराह्न 3 बजे तक निर्धारित करते हुए निर्देशों का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। नामांकन वापस नहीं लेने पर 6 फरवरी को पुष्पा कुल्लू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।

इधर पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी में निलंबन के विरुद्ध आज घमासान की स्थिति बन आयी। रविवार को चाईबासा नगर कांग्रेस कमेटी ने बगावती रुख अपनाते हुए सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। नगर उपाध्यक्ष, महासचिव और कई वार्ड अध्यक्षों सहित दर्जनों सक्रिय कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने पदों को त्यागने का पत्र जिला अध्यक्ष रंजन बोइपाई के नाम कार्यालय सचिव सुशील दास जी को सौंप दिया है। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा चाईबासा नगर अध्यक्ष मो. सलीम और विजय सिंह को निलंबित करना और कार्यकर्ताओं की भावनाओं के विपरीत दूसरे व्यक्ति का समर्थन करना एक गलत और जमीनी सच्चाई से दूर लिया गया फैसला है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी के इस निर्णय से समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और निष्ठा का अपमान हुआ है।

गिरिडीह में दो कांग्रेसी पार्टी से निष्कासित
नगर निकाय चुनाव के दौरान पार्टी निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए जिला कांग्रेस कमेटी गिरिडीह ने सख्त कदम उठाया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश केडिया ने सात फरवरी को योगेश्वर मेहता और पंकज सागर (राजधनवार, गिरिडीह) को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। इन लोगों ने पार्टी के आदेश के बाद भी मेयर पद के लिए किए नामांकन वापस नहीं लिया था।
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