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सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने राज्यसभा में उठाया झारखंड के पानी का मुद्दा, सरकार से पेयजल की गुणवत्ता पर मांगे जवाब 

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नई दिल्ली
राज्यसभा में झारखंड के पेयजल की गुणवत्ता का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पूरक प्रश्नों के माध्यम से केंद्र सरकार का ध्यान राज्य में जल गुणवत्ता की स्थिति और उसकी निगरानी व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। उन्होंने पेयजल की सुरक्षा और उसकी जांच से जुड़े तंत्र पर जवाब मांगा।
सांसद ने केंद्र सरकार द्वारा तैयार Drinking Water Quality Monitoring Framework के तहत झारखंड में लागू प्रबंधन प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने जानना चाहा कि राज्य में जल गुणवत्ता की वर्तमान स्थिति क्या है और रियल टाइम डेटा के आधार पर किस तरह सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।


ग्रामीण स्तर की जांच व्यवस्था पर फोकस
डॉ. वर्मा ने विशेष रूप से ग्राम स्तर पर लागू फील्ड टेस्टिंग सिस्टम की प्रभावशीलता को लेकर भी प्रश्न किया। उन्होंने पूछा कि यह प्रणाली कितनी कारगर साबित हो रही है और क्या इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल पा रहा है या नहीं। यह मुद्दा सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। सांसद ने कहा कि सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और इसके लिए निगरानी प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाना आवश्यक है। इस विषय को उठाकर उन्होंने सरकार का ध्यान ग्रामीण भारत में पेयजल की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में केंद्रित किया।
इस चर्चा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

Tags - Drinking System Rural Health Government