रांची:
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghuvar Das) ने गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को पत्र है। इसमें उन्होंने चक्रधरपुर के युवा नेता कमलदेव गिरि की हत्या की जांच CBI से कराने की मांग (Demand for CBI to investigate the murder of Kamaldev Giri) की है। उन्होंने लिखा है कि इस जघन्य हत्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्रवाई करवाई जाए। ताकि इस हत्या को अंजाम देनेवाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके।

हेमंत सोरेन सरकार हिन्दूवादी नेताओं की चुन-चुन करा रही हत्या
रघुवर दास ने कहा कि गिरी के हत्यारे को अभी तक पहचान कर गिरफ्तारी नहीं होना राज्य की सत्तारूढ़ हेमंत सोरेन सरकार द्वारा संरक्षण और मिलीभगत परिलक्षित होती है। कमलदेव गिरि की हत्या की जितनी भी भर्त्सना की जाए कम है। वर्तमान सत्तारूढ़ दल राज्य के सामाजिक कार्यकर्ताओं,हिन्दूवादी नेताओं की चुन-चुन कर हत्या कराने पर आमादा हो गई है। हत्या में भाड़े के दुर्दांत अपराधियों का सहयोग लेने की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस ऐसी घटनाओं के मामले में मूकदर्शक बन बैठी है।
कमलगिरी ने पुलिस को अनहोनी घटना घटित होने का दिया था संकेत
उन्होंने कहा कि कमलदेव गिरि एक सामाजिक, धार्मिक युवा हिन्दूवादी नेता थे। इन्हें हत्या के 15 दिन पहले फोन पर अज्ञात अपराधियों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई थी। जिसकी सूचना उन्होंने संबंधित थाने एवं SP/DC को दी थी। अपने ऊपर कोई अनहोनी घटना घटित होने का संकेत देते हुए अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा मांगी थी । गिरि के इन तथ्यों को पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील होकर संज्ञान में ले लिया गया होता तो उनकी हत्या नहीं होती।

3 साल पहले भाजपा सरकार ने 1000 अपराधियों को भेजा था जेल
रघुवर दास ने आगे लिखा है कि 3 साल पहले पिछली भाजपा सरकार द्वारा राज्य एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में राज्य के सभी जिलों में लगभग 1000 दुर्दांत अपराधियों व नक्सलियों पर CCA / NSA लगाकर राज्य की जेलों में बंद किया गया था। अपराधियों की स्पीडी ट्रायल के माध्यम से न्यायालय द्वारा उनके विरुद्ध वादों की सुनवाई कर कानून एवं विधि व्यवस्था को काफी नियंत्रित किया गया था। इस व्यवस्था से राज्य में अपराध का ग्राफ काफी कम हो गया था। उक्त अवधि में CCA / NSA के नाम से अपराधियों में भय उत्पन्न हो गया ।