द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के सौजन्य से हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में पावन पर्व रामनवमी की गौरवशाली परंपरा, अखाड़ा संस्कृति और दंड कला के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से “सांसद दंड वितरण अभियान–2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में सहायक है, बल्कि युवाओं को अनुशासन, संगठन और पारंपरिक युद्धकला से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहा है। इसी क्रम में रामगढ़ के चितरपुर मंडल अंतर्गत सुकरीगढ़ा दुर्गा मंदिर परिसर में सांसद दंड वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चितरपुर मंडल अध्यक्ष निरंजन कुमार ने की, जबकि संचालन निवर्तमान मंडल अध्यक्ष गणेश प्रसाद द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि एवं रामगढ़ विधानसभा के युवा नेता राजीव जायसवाल उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में रामगढ़ विधानसभा के सांसद प्रतिनिधि चंद्रशेखर चौधरी, चितरपुर मंडल सांसद प्रतिनिधि अर्जुन वर्मा और जिला मंत्री संजय प्रभाकर मौजूद थे। कार्यक्रम विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद अखाड़ा के सदस्यों एवं युवाओं को दंड वितरित किए गए। सैकड़ों युवाओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण और ऊर्जावान बना दिया। दंड प्राप्त करने के बाद युवाओं ने अखाड़ा परंपरा के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की और आगामी रामनवमी में अनुशासित एवं भव्य प्रदर्शन का संकल्प लिया। अपने संबोधन में राजीव जायसवाल ने कहा कि अखाड़ा परंपरा केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। यह परंपरा अनुशासन, साहस और एकता का संदेश देती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से युवाओं को उनकी जड़ों और संस्कृति से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे इसे समझें और आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
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उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देना आज के दौर में अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजन उन्हें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अखाड़ा परंपरा को अपनाकर समाज में अनुशासन और समरसता का संदेश फैलाएं। इस अवसर पर मूँगालाल महतो, रवींद्र दुबे, कृष्ण केवट, किशोर कुमार, हितेश पटेल, खेदन प्रसाद, महेंद्र राम, दिलीप प्रसाद, सुभाष प्रसाद, लक्ष्मण महतो, शैलेश दांगी सहित सैकड़ों गणमान्य लोग, अखाड़ा के सदस्य, पदाधिकारी और स्थानीय श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आगामी रामनवमी को और अधिक भव्य, दिव्य एवं अनुशासित रूप में मनाया जाएगा और अखाड़ा परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे