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दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत के खिलाफ रांची में सत्याग्रह, AAP-CJP  ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत के खिलाफ रांची में सत्याग्रह, AAP-CJP  ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला

रांची
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे (Resignation) की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन (Peaceful Protest) करने जा रहे आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) एवं सीजीपी के कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस द्वारा कथित बर्बरतापूर्ण (Allegedly Brutal) एवं असंवैधानिक व्यवहार (Unconstitutional Conduct) किए जाने के विरोध में आज रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में शांतिपूर्ण सत्याग्रह (Peaceful Satyagraha) किया गया। आम आदमी पार्टी के नेता प्रभात शर्मा एवं सीजेपी के अमित कुमार के नेतृत्व में पार्टी के साथियों एवं सीजीपी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चरणों में बैठकर उनके सत्य (Truth), अहिंसा (Non-violence) और शांतिपूर्ण प्रतिरोध (Peaceful Resistance) के मार्ग पर चलते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने पहुंचे आम आदमी पार्टी एवं सीजीपी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बलपूर्वक हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के विरोध में रांची में गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह किया जा रहा था, लेकिन वहां भी पुलिस पहुंची और सत्याग्रह कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

गांधी ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करना सिखाया

इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रभात शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि कोई नागरिक या राजनीतिक संगठन किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के कामकाज पर सवाल उठाता है अथवा उसके इस्तीफे की मांग करता है, तो उसकी आवाज को बलपूर्वक दबाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करना सिखाया था। आज बापू वाटिका में सत्याग्रह कर रहे कार्यकर्ताओं का उद्देश्य भी उसी विचारधारा के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराना था। शांतिपूर्ण सत्याग्रह के दौरान पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

बल प्रयोग की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए
प्रभात शर्मा ने केंद्र सरकार से मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए, दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा विरोध की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी और उसके साथी सत्य, अहिंसा तथा संविधान में विश्वास रखते हैं। लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका शांतिपूर्ण संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

Tags - Ranchi Protest Democracy AAP CJP