नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले के सदर प्रखंड के कालिदासपुर पंचायत के धारसुडी गांव सहित विभिन्न गांवों के पुरुष-महिला राशन कार्डधारी लाभुक आज उपायुक्त के पास शिकायत लेकर पहुंचे। इन लाभुकों का कहना है कि पिछले 10 माह का बकाया अनाज उन्हें राशन डीलर द्वारा नहीं दिया गया है। राशन कार्डधारी लाभुक दशरथ मरांडी ने बताया कि 2 सितंबर को लगभग 250 से अधिक राशन कार्डधारी लाभुक शिकायत लेकर उपयुक्त कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्हें आश्वासन मिला था कि एक सप्ताह के भीतर सभी को उनका बकाया अनाज जन वितरण प्रणाली के दुकानदार द्वारा दे दिया जाएगा। लेकिन, डीलर द्वारा केवल 6 माह का ही अनाज वितरित किया गया, जबकि बकाया 10 माह का था। कई लाभुकों को तो 6 माह के बजाय केवल 4 माह का अनाज दिया गया। इस असंतोष के साथ वे आज उपायुक्त से मिलने पहुंचे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे कहां जाएं ताकि उन्हें उचित न्याय मिल सके।
वहीं, भाजपा प्रदेश कार्यकारी सदस्य और राज्य स्तरीय खाद्य निगम के सदस्य अनुग्राहित प्रसाद शाह ने एक शिकायत पत्र में आदिवासी, असहाय और गरीब राशन कार्डधारी लाभुकों को उचित न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर को लगभग 250 लाभुक राशन डीलर के खिलाफ शिकायत लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। जिला आपूर्ति पदाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह के अंदर सभी लाभुकों को बकाया राशन मिल जाएगा, लेकिन राशन डीलर ने सिर्फ आंशिक रूप से ही अनाज वितरित किया। प्रत्येक परिवार के सदस्य के हिसाब से केवल 4 किलो अनाज ही दिया गया।
उन्होंने हेमंत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार चल रही है, और मुख्यमंत्री खुद को आदिवासियों का मसीहा बताते हैं। लेकिन इस सरकार में आदिवासियों का शोषण हो रहा है, उनका अनाज लूट लिया जा रहा है, और कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही है।
