गुमला:
झारखंड के गुमला से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एंबुलेंस ना मिलने परिजनों ने रिक्शा से शव ढोया (carried the dead body by rickshaw )। करीब 4 किलोमीटर तक परिजनों द्वारा शव को रिक्शा पर ढोया गया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया (Sent to Sadar Hospital for post-mortem )। तस्वीरें बताने के लिए काफी है कि महिला के पार्थिव शरीर के किस तरह से बर्ताव हुआ। लाचारी, गरीबी, पैसे का अभाव, पुलिस का ऑर्डर, स्वास्थ्य व्यवस्था की अनदेखी, इन कारणों से इंसानियत को कचोटती ये तस्वीर सामने आई है।

क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार जिला के सदर थाना क्षेत्र के कुम्बाटोली निवासी लीला देवी के इलाज के दौरान सदर अस्पताल में शनिवार को मौत हो गई। जिसके बाद महिला के शव को अस्पताल से घर 4 किलोमीटर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस चालक द्वारा 500 रुपय की वसूली की गई। शव को घर पहुंचाया गया लेकिन इसके बाद पुलिस को इसकी खबर मिली कि मारपीट से महिला की मौत हुई है तो अब शव का पोस्टमार्टम होगा। पुलिस ने आर्डर दिया कि परिजन शव को लेकर फौरन सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस के इस आदेश के आगे लाचार परिजनों को गाड़ी नहीं मिली तो उसके बाद उन्होंने खुद ही शव को रिक्शा पर ढोया और 4 किलोमीटर का सफर तय करते गुमला सदर अस्पताल पहुंचे।

खाना बनाने को लेकर हुआ था विवाद
इस घटना के विषय में मृतक महिला के पुत्र का कहना है कि गुरुवार 6 अक्टूबर को घर में खाना बनाने को लेकर बुटन चिक बड़ाईक और लीली में विवाद हुआ। जिसपर बूटन ने बरतन व लकड़ी से मारपीट कर लीला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद लीला को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आरोपी बूटन फरार है। वह रिक्शा चलाने का काम करता है।