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बालू के अवैध कारोबार पर राजद भी भड़का, कहा-सीएम उच्चस्तरीय जांच कराएं

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द फॉलोअप डेस्क
राज्य में जारी बालू के अवैध कारोबार पर सरकार में शामिल गठबंधन दलों का उबाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। राजद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। राजद के प्रदेश महासचिव धनंजय यादव ने कहा है कि गोड्डा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों एवं प्रखंडों में बालू, पत्थर, छर्री, गिट्टी का अवैध उत्खनन वर्षों से फलफूल रहा है। इस अवैध उत्खनन से जिला की सभी नदियां बालू विहीन हो चुकी है। साथ ही पहाड़ी क्षेत्र पत्थर विहीन होते जा रहे हैं। नदी के बालू विहीन होने से जलस्तर नीचे जा रहा है। इसका जलवायु परिवर्तन पर बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए बालू, गिट्टी, छर्री व पत्थर के अवैध कारोबार की मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय जांच कराएं। यहां मालूम हो कि बालू के अवैध कारोबार पर राजद मंत्री संजय प्रसाद यादव शुक्रवार को सवाल खड़ा कर चुके हैं। उससे पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने जिले के सनातन घाट से प्रति दिन 150 हाईवा और डंपर बालू का अवैध उठाव को लेकर उबल चुके हैं। इतना ही नहीं उससे पहले प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने जिलों में अवैध उत्खनन के विरोध में आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके हैं। बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद हजारीबाग में पुलिस-प्रशासन की मदद से जारी अवैध कारोबार को लेकर लगातार आंदोलनरत है।

राजद महासचिव धनंजय यादव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि भले ही आज गेरुआ नदी के सनातन घाट, सिमरिया चकवा बालू घाट सुर्खियों में है, इससे पहले गोड्डा जिले की कढिया, हरना, त्रिवेणी एवं निलझी बालू विहीन होने के कारण उससे किसान सिंचाई से वंचित हो चुके हैं। उन्होंने कहा है कि सनातन नदी तट से बालू के उठाव की जो बात अभी सुर्खियों में हैं, उसको लेकर गोड्डा के राजद विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव से मिल कर कई बार ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। धनंजय यादव ने जिले में जारी इस अवैध कारोबार में को रोकने में सहयोग करें और उच्चस्तरीय जांच कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि जिले से  बालू, गिट्टी, पत्थर की ढुलाई चाहे मिर्जा चौकी से मेहरमा भाया हनवारा होते हुए सन्हौला बिहार रोड होते हुए भागलपुर तक जो अवैध ढुलाई हो रही है, उसकी सघन जांच की आवश्यकता है। अभी तो एक बालू घाट से प्रतिदिन 27 लाख 75 हजार रुपए की अवैध उगाही की बात सामने आयी है, अगर अन्य नदियों एवं सीमाओं से होनेवाली अवैध ढुलाई की जांच करायी जायी तो यह राशि करोड़ों तक पहुंच सकती है। अवैध कमाई की राशि किन किन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंच रही है, उसका उच्चस्तरीय जांच से ही पर्दाफाश संभव है। उन्होंने मुख्यमंत्री इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच कराने की मांग की है, ताकि गोड्डा के आम लोगों का भला हो सके।

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