रांची
प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने 30 मार्च को जारी प्रेस बयान में जेटेट परीक्षा से भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को बाहर रखने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इसे जनविरोधी और घातक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे राज्य में भाषाई विवाद बढ़ सकता है, जो विकास के लिए बाधक साबित होगा। कैलाश यादव ने कहा कि पलामू, गढ़वा और लातेहार में इन भाषाओं की 100 प्रतिशत उपस्थिति है, वहीं रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर में भी बड़ी संख्या में भोजपुरी और मगही भाषी लोग रहते हैं। इसी तरह देवघर, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज में अंगिका भाषी आबादी बहुसंख्यक है। इसके बावजूद इन भाषाओं को शामिल न करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

सरकार से पुनर्विचार और रोक की मांग
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि इस फैसले पर अविलंब रोक लगाई जाए और भोजपुरी, मगही व अंगिका को जेटेट परीक्षा में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे फैसलों का विरोध हुआ और बाद में संशोधन करना पड़ा, इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
यादव ने कहा कि राज्य में महागठबंधन सरकार विकास के कई कार्य कर रही है, लेकिन ऐसे फैसले सामाजिक एकता और समरसता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाषाई विवाद राज्य के विकास में बड़ी बाधा बन सकता है और बहुसंख्यक समाज में असंतोष बढ़ा सकता है।
विष्णुगढ़ घटना पर कड़ी कार्रवाई की मांग
राजद ने हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय युवती के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। साथ ही अपील की कि इस मामले में राजनीति न कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर ध्यान दिया जाए।
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