द फॉलोअप डेस्क
आज सुबह 4:00 बजे जैसे ही झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ, हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड स्थित गंगादोहर गांव का नाम पूरे राज्य में गर्व से गूंज उठा। गांव के ही लाल रोबिन कुमार ने पूरे झारखंड में सातवां स्थान प्राप्त कर अपने क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है। अब रोबिन झारखंड पुलिस में DSP के रूप में अपनी सेवा देंगे।
रोबिन एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता कृषक हैं और माता एक गृहिणी। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई बड़कागांव के ही सरकारी विद्यालय से पूरी करने वाले रोबिन ने बाद में मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। अपनी सिविल सेवा की तैयारी उन्होंने हजारीबाग के एक लॉज में रहकर पूरी की। रोबिन ने साल 2020 में भी सिविल सेवा परीक्षा में इंटरव्यू तक का सफर तय किया था, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया था। उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार पांच वर्षों तक मेहनत जारी रखी। आज उनका संघर्ष रंग लाया और उन्होंने झारखंड में टॉप 10 में अपनी जगह बना ली।
रोबिन की सफलता इस बात का प्रमाण है कि साधन नहीं, संकल्प और मेहनत ही असली हथियार होते हैं। उनकी कहानी उन हजारों युवाओं को प्रेरणा देती है जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देख रहे हैं। रोबिन की सफलता की खबर मिलते ही हजारीबाग के उनके लॉज में जश्न का माहौल बन गया है। वहीं, गांव में उनके माता-पिता बेहद भावुक हैं और अपने बेटे के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रोबिन के बड़े भाई पिछले सात वर्षों से JPSC की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल वह झारखंड पुलिस में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने भी इस उपलब्धि पर गर्व जताया और कहा कि यह सफलता उनके पूरे परिवार और गांव के लिए प्रेरणा है। रोबिन ने उन छात्रों के लिए भी संदेश दिया जो इस बार सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा, "हार से डरना नहीं है। यदि निरंतरता और आत्मविश्वास बनाए रखें तो सफलता एक दिन जरूर मिलेगी। अपने लक्ष्य को बनाए रखें और मेहनत करते रहें।"
