द फॉलोअप डेस्क
साहिबगंज जिला क्षेत्र के बरहेट सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सभागार में मलेरिया एवं डायरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डॉ. रामदेव पासवान, सिविल सर्जन, साहिबगंज की अध्यक्षता में सभी सहिया साथियों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने तेज बहाव वाले झरना पार कर बरहेट प्रखंड क्षेत्र के अति दुर्गम पहाड़ी इलाका कपास बेड़ो गांव पहुंचकर शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कर्मियों को स्वयं जांच कर के दिखाया और बताया कि कैसे जांच करनी है। इसमें सभी उपस्थित सहिया साथी एवं स्वास्थ्य कर्मियों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया आदि मौसमी बीमारियों के फैलने के कारण, लक्षण, उपचार और रोकथाम आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
सिविल सर्जन द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर छुछी अंतर्गत अति दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र कपास बेड़ो गांव में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लगाए गए स्वास्थ्य शिविर एवं मलेरिया मास सर्वे की मॉनिटरिंग की गई। उन्होंने उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर सर्वे करते हुए सभी बुखार पीड़ित मरीजों की मलेरिया जांच करने और ग्रामीणों को सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया।
साथ ही बरसात को देखते हुए मलेरिया, डायरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा बताया गया और अपने-अपने गांवों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया। सिविल सर्जन महोदय ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को एक कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया।
सिविल सर्जन ने उपस्थित ग्रामीणों को अपने घर के आस-पास सफाई रखने, सोते समय प्रतिदिन मच्छरदानी लगाने, घर के आसपास गड्ढों में जलजमाव नहीं होने देने, घर के सभी कमरों में कीटनाशी का छिड़काव करवाने, बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर खून की जांच कराने, ओआरएस का घोल बनाकर पीने, पानी को उबालकर पीने, तथा किसी झोलाछाप डॉक्टर, झाड़-फूंक, ओझा-गुनी, जड़ी-बूटी के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी।
इस मौके पर डॉ. सत्ती बाबू डबडा (जिला VBD सलाहकार), डॉ. चौधरी चंद्रशेखर प्रसाद चंद्र (प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी), फ्रांसिस टुडू (KTS), केदार पंडित (BTT), MPW, सहिया साथी आदि स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
