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झारखंड में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा सरहुल, रांची में निकलेगी भव्य शोभायात्रा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

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द फॉलोअफ डेस्क
झारखंड में प्रकृति पर्व सरहुल पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर साल (सखुआ) वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। आदिवासी समाज की मान्यता के अनुसार इसी वृक्ष में सरना मां का वास होता है, जो गांव और प्रकृति की रक्षा करती हैं। सरना स्थल पर सखुआ और महुआ के फूलों से पूजा-अर्चना कर प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। गांव के पाहन (पुजारी) विधि-विधान से पूजा करते हैं और मिट्टी के घड़ों में पवित्र जल भरते हैं। परंपरा के अनुसार, इन घड़ों के जल स्तर के आधार पर वर्षा का अनुमान लगाया जाता है पानी कम होने पर कम बारिश और यथावत रहने पर अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी समाज में इसकी गहरी आस्था है।


राजधानी रांची में सरहुल पर्व की खास रौनक देखने को मिलती है। हातमा स्थित सरना स्थल में पूजा के बाद आदिवासी समाज के लोग सिरमटोली तक भव्य शोभायात्रा निकालते हैं, जिसकी शुरुआत दोपहर दो बजे से होती है। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग नृत्य और गीत के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करते हैं। रांची में सरहुल शोभायात्रा की शुरुआत वर्ष 1967 में कार्तिक उरांव के नेतृत्व में हुई थी। इसका उद्देश्य आदिवासी जमीन, परंपरा और संस्कृति की रक्षा करना था। आज यह शोभायात्रा पूरे राज्य की पहचान बन चुकी है। सरहुल के अवसर पर गांवों के अखड़ा में सामूहिक नृत्य का आयोजन होता है, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे लोग इस पर्व को सामूहिकता और प्रकृति के प्रति सम्मान के रूप में मनाते हैं। इसी बीच, सरहुल और ईद को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर के प्रमुख स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

जिला पुलिस के साथ-साथ आईआरबी, जैप, होमगार्ड्स और केंद्रीय बलों के जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटा जा सके। सरहुल शोभायात्रा के मद्देनजर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किया गया है। कांके रोड, रातू रोड, बोड़ेया रोड से लेकर रेडियम चौक, शहीद चौक, अलबर्ट एक्का चौक, मेन रोड, सुजाता चौक और मुंडा चौक होते हुए सिरमटोली सरना स्थल तक वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। इसके अलावा नामकुम, खूंटी रोड, बिरसा चौक, डोरंडा ओवरब्रिज और अरगोड़ा-हरमू-कडरू मार्ग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। रात 10:30 बजे तक रांची शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी और उन्हें रिंग रोड से गुजरने का निर्देश दिया गया है।

दोपहर 12:30 बजे से एसएसपी आवास चौक, कचहरी चौक, शहीद चौक, जाकिर हुसैन पार्क, कमिश्नर चौक, अपर बाजार, चडरी तालाब, पुरुलिया रोड, चर्च रोड, कर्बला और राजेंद्र चौक सहित कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बंद रहेगा। इन रास्तों पर केवल शोभायात्रा से जुड़े वाहन ही चल सकेंगे। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। सर्कुलर रोड से आने वाले वाहन केवल जेल चौक तक ही जा सकेंगे, जबकि जमशेदपुर रोड से आने वाले वाहनों को चुटिया-केतारी बगान होते हुए बहुबाजार की ओर मोड़ा जाएगा। कांटाटोली और पिस्का मोड़ से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।