द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने धनबाद के बाघमारा क्षेत्र में हुई चाल धंसने की घटना को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में उठाने के लिए नोटिस दे दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी मिलेंगे और इस घटना से संबंधित डोजियर उन्हें सौंपेंगे।
सरयू राय ने आरोप लगाया कि बीसीसीएल का यह क्षेत्र अवैध कोयला खनन और अवैध कोयला व्यापार का अड्डा बन गया है। उन्होंने कहा कि जमनिया में एनडीआरएफ की टीम पहुंच चुकी है, लेकिन वह असमंजस की स्थिति में है। टीम बुधवार से मौके पर है और नीचे क्या है यह जानने के लिए मिट्टी हटाना चाहती है, लेकिन प्रशासन ने अब तक उन्हें हाईड्रा और जेसीबी उपलब्ध नहीं कराया है। उन्होंने कहा कि इस इलाके पर दबंगों का कब्जा हो गया है। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही, उल्टे प्रशासन और बीसीसीएल की तरफ से उन्हें प्रत्यक्ष और परोक्ष समर्थन मिल रहा है।
सरयू राय ने बताया कि बुधवार को वह केसरगढ़ क्षेत्र गए थे, जहां चाल धंसी थी और लगभग 15 लोगों के जिंदा दबे होने की खबर है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि दबे हुए लोगों को निकालने में किसी की कोई रुचि नहीं है। कोशिश यह की जा रही है कि यह साबित कर दिया जाए कि वहां कोई घटना हुई ही नहीं।
उन्होंने कहा कि जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पत्थरों और कोयला पत्थरों से उस जगह को भर दिया गया है और उसके ऊपर ताजा मिट्टी की मोटी परत डाल दी गई है। संभवतः यह मिट्टी उसी रात डाल दी गई थी। खनन माफिया से जुड़े लगभग 15 लोगों ने उस क्षेत्र की बैरीकेटिंग कर दी थी और दोपहर 2 बजे तक पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को वहां जाने नहीं दिया गया।
सरयू राय ने बताया कि करीब 100 वर्गफीट के क्षेत्र में ताजा मिट्टी डाली गई थी। उन्होंने कहा कि यह केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या का मामला है, लोगों को जमीन में जिंदा गाड़ने का मामला।
उन्होंने आगे कहा कि अवैध खनन के साथ-साथ कोक भट्ठों में भी अवैध कोयले का उपयोग हो रहा है। आउटसोर्सिंग की खदानों में बीसीसीएल से डिलीवरी ऑर्डर पर कोयला उठाने वालों से 1,600 रूपये प्रति टन अवैध वसूली की जाती है। उनसे कहा जाता है कि यदि यह रकम नहीं दी तो कोयला लादा नहीं जाएगा। एक व्यक्ति चौहान का कोयला एक महीने से लोड नहीं हो रहा है। वह एफआईआर कराना चाहते हैं, लेकिन धनबाद पुलिस और बाघमारा थाना एफआईआर दर्ज नहीं कर रहे हैं। सरयू राय ने कहा कि आउटसोर्सिंग खदानों में भारी रंगदारी वसूली जा रही है और इसके पीछे एक दबंग राजनीतिक व्यक्ति है जिसे धनबाद पुलिस का संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीएल ने अब तक जितनी भी खदानें खोली और बंद की हैं, उनमें किसी का भी माइनिंग क्लोजर नहीं किया गया है। महानिदेशक (सुरक्षा) का मुख्यालय धनबाद में होने के बावजूद उन्होंने बीसीसीएल को कभी नोटिस नहीं भेजा। उन्होंने सवाल उठाया कि माइनिंग क्लोजर क्यों लागू नहीं किया जा रहा है और हादसे वाली जगह पर ताजा मिट्टी क्यों डाली गई।
सरयू राय ने यह भी कहा कि जितने कोक भट्ठे चल रहे हैं, उनमें अवैध कोयला उपयोग हो रहा है। कोक भट्ठों की खरीद-बिक्री भी अवैध रूप से हो रही है। यदि कोई दबंग राजनीतिक व्यक्ति कोक भट्ठा चला रहा है तो जांच नहीं होती, जबकि सामान्य व्यापारी पर कई तरह की पाबंदियां लगाई जाती हैं।
सरयू राय ने इस गंभीर मुद्दे पर छह प्रमुख मांगें रखीं हैं। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल अपनी बंद खदानों का माइनिंग क्लोजर तत्काल करे और डीजी (माइंस सेफ्टी) यह स्पष्ट करें कि अब तक माइंस क्लोजर क्यों नहीं किया गया। उन्होंने धनबाद जिले में चल रहे कोक भट्ठों की जांच की मांग की, जिसमें यह पता लगाया जाए कि इन भट्ठों में उपयोग हो रहे कोयले का स्रोत क्या है और हर माह कुल कितना कोक उत्पादन हो रहा है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि आउटसोर्सिंग खदानों से कोयला लादने वाले मजदूरों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में दी जानी चाहिए। सरयू राय ने बीसीसीएल प्रबंधन, सीआईएसएफ, धनबाद पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। अंत में उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की विशेष शाखा द्वारा अवैध कोयला खनन और व्यापार को लेकर पुलिस मुख्यालय को भेजी गई सूचनाओं को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
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