रांची
स्वतंत्रता सेनानी एवं कोल विद्रोह के महानायक अमर शहीद बुली महतो जी के शहादत दिवस के अवसर पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा सोनाहातू के तत्वावधान में सोनाहातू स्थित पार्टी कार्यालय से बुली महतो चौक तक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया।
पदयात्रा के दौरान पुराना प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित भगवान बिरसा मुंडा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इसके पश्चात कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बुली महतो चौक तक पदयात्रा करते हुए पहुंचे, जहां अमर शहीद बुली महतो जी की प्रतिमा के समक्ष पारंपरिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर माल्यार्पण किया गया तथा उनके अद्वितीय बलिदान को स्मरण किया गया।

अमर शहीद बुली महतो जी का जीवन संघर्ष को याद किया
इस अवसर पर केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि अमर शहीद बुली महतो जी का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और जन-अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। उनका बलिदान हमें अपनी संस्कृति, इतिहास और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। हमें उनके विचारों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि समाज अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके।
उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति को जीवित रखना और उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। समाज में शिक्षा, संगठन, जागरूकता और एकता को मजबूत बनाकर ही शहीदों के सपनों का झारखंड बनाया जा सकता है।

ये लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर शहीद बुली महतो जी के वंशज प्रसिद्ध महतो, संजय महतो, अर्जुन महतो, भीमसेन महतो, लक्ष्मण महतो, भागीरथ महतो, साधुचरण महतो, मोहिनी देवी, सरस्वती देवी, उमावति देवी, द्रौपदी देवी एवं गणेश महतो सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जेएलकेएम के केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो, महासचिव पंचम एक्का, मांडर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी गुना भगत, संगठन महासचिव मनीष साहु, केंद्रीय सचिव निवेदिता महतो, जिला अध्यक्ष पार्वती महतो, जिला उपाध्यक्ष शिल्पा महतो एवं दीपिका रजक सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गदाधर महतो, रंजीत महतो, अजय महतो, बिनोद महतो, भागीरथ महतो सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन शहीद बुली महतो जी के सम्मान में नारे लगाते हुए तथा उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।
