द फॉलोअप डेस्क
सिमडेगा पुलिस द्वारा एक सराहनीय एवं मानवीय पहल करते हुए लगभग तीन वर्षों से लापता एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को उसके परिजनों से सफलतापूर्वक मिलवाया गया। ज्ञात हो कि तीन वर्ष पूर्व थाना टी०टांगर क्षेत्र की निवासी सिबरिया केरकेट्टा (पति- स्व० नयनसुख केरकेट्टा), ग्राम गुड़गुड़टोली, जिला सिमडेगा द्वारा अपने इकलौते भाई भालेन केरकेट्टा (उम्र लगभग 40 वर्ष, पिता- स्व० एतवा खड़िया) के गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। बताया गया था कि भालेन केरकेट्टा मानसिक रूप से कमजोर थे और CIP, रांची से इलाज कराकर घर लौटने के दौरान रास्ते में कहीं भटक गए थे।

काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। हाल ही में पुनः खोजबीन के क्रम में सिमडेगा पुलिस द्वारा आस-पास के जिलों के विभिन्न आश्रय गृहों से संपर्क स्थापित किया गया। इसी क्रम में जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त गुमशुदा व्यक्ति पुरूलिया (पश्चिम बंगाल) स्थित “अपना घर आश्रम” में रह रहा है। सिमडेगा पुलिस के सक्रिय प्रयास एवं समन्वय के फलस्वरूप गुरुवार को भालेन केरकेट्टा को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों से मिलवाया गया तथा सकुशल उनको सुपुर्द किया गया। यह कार्य सिमडेगा पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता एवं समाज के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
