द फॉलोअप डेस्क
उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। करंट फैलने की अफवाह के बाद मंदिर मार्ग पर अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 28 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के समय मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी। भगदड़ की वजह से लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और कई गंभीर रूप से कुचले गए।
हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह भगदड़ करंट फैलने की झूठी सूचना के कारण मची। इस अफवाह से डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसमें श्रद्धालुओं की जान गई। घायलों में से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, जबकि अन्य का इलाज हरिद्वार के जिला अस्पताल में चल रहा है।
हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं में सबसे अधिक उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की जो सूची जारी की गई है, उसके अनुसार 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 5 उत्तर प्रदेश से और एक-एक श्रद्धालु बिहार और उत्तराखंड से हैं। मृतकों की पहचान आरूष (12 वर्ष, बरेली, उत्तर प्रदेश), शकल देव (18 वर्ष, अररिया, बिहार), विक्की (18 वर्ष, रामपुर, उत्तर प्रदेश), विपिन सैनी (18 वर्ष, काशीपुर, उत्तराखंड), वकील (बाराबंकी, उत्तर प्रदेश) और शांति (बदायूं, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। घायलों में दिल्ली, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु शामिल हैं। मरने वालों में 12 वर्षीय एक बच्चा, तीन 18 वर्षीय युवक और एक महिला शामिल हैं, जिससे इस हादसे की गंभीरता और बढ़ जाती है।
फिलहाल प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। इस हादसे ने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर फिर से सख्त और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
