द फॉलोअप डेस्क
सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत रविवार को गुमला जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में नागफेनी स्थित विभिन्न ढाबों के समीप 'ड्रिंक एंड ड्राइव' और सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान मुख्य रूप से मालवाहक वाहनों, बसों, कारों और बिना हेलमेट चल रहे दोपहिया वाहनों को रोका गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ब्रेथ एनालाइजर मशीन के जरिए चालकों की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई शराब के नशे में वाहन तो नहीं चला रहा है।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि जिले में अधिकतर मौतें शराब के सेवन और बिना हेलमेट वाहन चलाने के कारण हो रही हैं। उन्होंने आम जनता को जागरूक करते हुए कहा, "हेलमेट पहनने में लापरवाही बिलकुल भी न करें, भले ही आप राशन, सब्जी या दूध लाने जैसी छोटी दूरी के लिए ही घर से निकले हों। अनचाही दुर्घटना से मात्र हेलमेट ही आपको सुरक्षित रख सकता है।" उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि बाइक पर पीछे बैठने वाले अक्सर दुर्घटना का सबसे पहले शिकार होते हैं, इसलिए सुरक्षा के साथ समझौता न करें।
जांच अभियान के दौरान स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यह अभियान अब जिले के सभी चौक-चौराहों पर लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर कम-से-कम 10,000 रुपये का चालान और 3 महीने की कारावास या दोनों। 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे खुद सुरक्षा नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। "आओ सब मिलकर साथ चलें, सड़क सुरक्षा माह 2026 को सुरक्षित माह बनाने में अपना योगदा
