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रांची : DSPMU में फिल्म फेस्टिवल का विद्यार्थी कर रहें हैं जमकर विरोध, जानें क्या है मामला

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रांची:
झारखंड अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (Jharkhand International Film Festival) के अंतर्गत 17 और 18 दिसंबर को दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) परिसर में किया जा रहा है। इस आयोजन में किसी प्रकार की बाधा ना पहुंचे,  इसके लिए विश्वविद्यालय ने छात्रों के एंड सेमेस्टर परीक्षाओं को 12 जनवरी तक स्थगित (Exams postponed till 12 January) कर दिया है। विद्यार्थियों के परीक्षाओं को स्थगित कर फिल्म फेस्टिवल के आयोजन को लेकर विरोध प्रदर्शन (Protest against the organization of the film festival) किया। उनका कहना है कि इस फिल्म फेस्टिवल की कोई ऑफिशियल सूचना नहीं दी गई। और ना ही फिल्म मेकिंग के विद्यार्थियों को इस फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित किया गया। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के DSW से बात की जिसमें वो जवाब देने में असहज दिखाई दिए।

कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने में जुटी विश्वविद्यालय प्रशासन
विरोध प्रदर्शन में आए विद्यार्थियों में अमनदीप मुंडा ने बताया कि “विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हितों को भूलकर इस प्रकार के कमर्शियल आयोजनों से कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने में जुटी हुई है। विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन को नजरअंदाज करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह के आयोजन करा रहा है। विश्वविद्यालय का प्रयोग शैक्षणिक कार्यों के बजाय कॉरपोरेट के कमर्शियल कार्यों में करके विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के वेलफेयर के बजाय अपने वेलफेयर में जुटी हुई है”। उन्होंने आगे कहा कि यह  पहली बार नहीं हुआ है जब  DSPMU में ऐसे कई बाहरी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जिसका छात्र हित से कोई सरोकार नहीं रहा है। 


कोई ऑफिशियल सूचना नहीं
विद्यार्थियों ने बताया कि इस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन जोहार एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संधि से नव भारत निर्माण संघ द्वारा आयोजित कराया गया है।इसके चेयरपर्सन सुनील सिंह बादल, प्रोग्राम हेड आकाश सिन्हा, और कोऑर्डिनेटर संजीव कुमार सिंह हैं। बता दें कि स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन,  डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की एक विद्यापीठ है। जिसमें फिल्म मेकिंग का कोर्स भी चलाया जाता है किंतु छात्रों से बात करने पर अधिकांश छात्रों को इस फिल्म फेस्टिवल की कोई ऑफिशियल सूचना नहीं दी गई। और ना ही फिल्म मेकिंग के विद्यार्थियों को इस फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित किया गया। ऐसे में इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई सवाल खड़े करता है।