द फॉलोअप डेस्क
झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन झारखंड द्वारा 60-40 नियोजन नीति के विरोध में 72 घंटे का त्रिदिवसीय महाआंदोलन का ऐलान किया गया है। 17 अप्रैल (सोमवार) को छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। वहीं 18 अप्रैल (मंगलवार) को सभी प्रखंड और जिला मुख्यालय में मशाल जुलूस तथा 19 अप्रैल (बुधवार) को सम्पूर्ण झारखंड बंद करने निर्णय लिया गया हैl उक्त जानकारी छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने प्रेस कॉन्फेंस करके दी।

50 हजार छात्र मोरहाबादी मैदान में एकत्रित होंगे
देवेन्द्र नाथ ने बताया कि 72 घंटे का त्रिदिवसीय महाआंदोलन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है। 17 अप्रैल को मुख्यमंत्री को जगाने के लिए मुख्यमंत्री आवास घेराव को एतिहासिक सफल बनाने के लिए सम्पूर्ण झारखंड से 50 हजार छात्र मोरहाबादी मैदान में एकत्रित होकर अधिकार मार्च करते हुए मुख्यमंत्री आवास घेराव करने का काम करेंगे l 19 अप्रैल को झारखंड बंद को एतिहासिक सफल बनाने के लिए 18 अप्रैल को सम्पूर्ण झारखंड के जिला और प्रखंड मुख्यालय में मशाल जुलूस निकाला जायेगा। जिसमें रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम के समक्ष एकत्रित होकर शाम 5 बजे अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला जायेगा। इसके साथ ही 19 अप्रैल को सुबह से सड़क पर उतरकर झारखंड बंद को एतिहासिक सफल बनाने का काम करेंगे। आकस्मिक सेवा को बंदी से मुक्त रखा जायेगा l

झारखंडी हित में नियोजन लागू करे सरकार
झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन के देवेन्द्र नाथ महतो ने सरकार से मांग किया है कि हकमार 60-40 नियोजन नीति को सरकार तत्काल वापस कर झारखंडी हित में नियोजन लागू करे। उसके बात नियुक्ति प्रक्रिया शुरू किया जाए। बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 के उपधारा 85 के तहत झारखंड सरकार को अधिकार है। संयुक्त बिहार के समय का कोई भी अध्यादेश, गजट, संकल्प, को अंगीकृत कर सकता है। इसी अधिकार के तहत बिहार का 3 मार्च 1982 वाला नियोजन नीति जिसका पत्रांक संख्या 5014/81- 806 को अंगीकृत कर बिहार के तर्ज़ पर नियोजन नीति लागू किया जाए।