logo

डीजीपी नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी को पैनल आधारित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया

tadasha_mishra.jpg

द फॉलोअप डेस्क

देश के विभिन्न राज्यों में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति के माध्यम से काम चलाए जाने को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मालूम हो कि यूपीएससी द्वारा स्वीकृत पैनल के इतर देश के कई राज्यों ने डीजीपी की नियुक्ति के लिए अपनी अपनी नियुक्ति नियमावली बना ली है। उसी आधार पर डीजीपी की नियुक्ति की जा रही है। उनमें झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य प्रमुख हैं।

सुप्रीम कोर्ट राज्यों द्वारा अपनायी जा रही प्रक्रिया पर गहरी आपत्ति दर्ज की है। 5 फरवरी को हुई सुनवाई में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति के लिए स्थापित मानदंडों को दरकिनार किए जाने पर राज्यों को फटकार लगायी। सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी को  निर्देश दिया कि वह उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए, राज्यों द्वारा डीजीपी के चयन हेतु योग्य अधिकारियों के पैनल के निर्धारण में देरी को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का होगा गंभीर असर

इस फैसले ने विशेष रूप से तमिलनाडु पर ध्यान केंद्रित किया है, जहां राज्य सरकार यूपीएससी द्वारा कई महीने पहले योग्य अधिकारियों के पैनल की सिफारिश किए जाने के बावजूद कार्यवाहक डीजीपी के साथ काम चला रही है। पंजाब, जहां तीन साल से अधिक समय से कार्यवाहक डीजीपी कार्यरत हैं, भी जांच के दायरे में आ गया है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य अदालत के निर्देश के बाद यूपीएससी की आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।

डीजीपी नियुक्ति नियमावली को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में बाबूलाल मरांडी द्वारा दायर एक मामला भी लंबित है। इस याचिका में मरांडी ने डीजीपी नियुक्ति नियमावली पर आपत्ति दर्ज की है। साथ ही उन्होंने नियमावली की वैद्यता पर सवाल खड़ा किया है। अनुराग गुप्ता के बाद हाल में तदाशा मिश्रा को रिटायरमेंट से एक दिन पहले नियमावली में संशोधन कर डीजीपी बनाए जाने का भी एक नया मामला सामने आया है।

Tags - Jharkhand DGP appointment rules Supreme Court UPSC panel instructions Babulal Marandi Jharkhand High Court