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पश्चिमी सिंहभूम में दंतैल हाथी की संदिग्ध मौत, करंट लगने की आशंका से हड़कंप

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द फॉलोअप डेस्क
पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर अनुमंडल अंतर्गत जैतगढ़ थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव में गुरुवार सुबह एक विशाल दंतैल हाथी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। खेत में मृत पड़े हाथी को देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं इस घटना ने वन्यजीव सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने सुबह खेत की ओर जाने के दौरान हाथी का शव देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि मृत हाथी एक स्वस्थ वयस्क नर दंतैल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने उच्च अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया।


प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाथी की मौत बिजली के करंट की चपेट में आने से हुई हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। साक्ष्यों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया घटनास्थल पर ही कराई जा रही है। चाईबासा के डीएफओ आदित्य नारायण ने कहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल हाथी के शरीर पर करंट या चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


यदि जांच में करंट से मौत की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि घटना स्थल के आसपास बिजली कनेक्शन कैसे और कहां से लिया गया था। शाम तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर हाथी के शव को नियमानुसार दफनाने की तैयारी की जा रही है। यह घटना एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष, अवैध बिजली उपयोग और विभागीय समन्वय की कमी जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है।