द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत सेरेंगहातू–सीठियो कोयल नदी घाट पर उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सरना समाज के लोगों द्वारा शव यात्रा को रोके जाने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने लोहरदगा-बेड़ो मुख्य पथ को जाम कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीठियो गांव निवासी पूनिया देवी का निधन हो गया था। इसके बाद गांव के लोग शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार के लिए सीठियो नदी घाट जा रहे थे। इसी दौरान सेरेंगहातू गांव के सरना समाज के लोगों ने इसे ‘मसना का रास्ता’ बताते हुए शव यात्रा को रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।
घटना से आक्रोशित सीठियो गांव के ग्रामीणों ने शव को लोहरदगा–बेड़ो मुख्य पथ पर रखकर सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। सूचना मिलने पर सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा और अंचलाधिकारी पंकज भगत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता देख लोहरदगा के उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी, एसडीओ अमित कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उक्त मार्ग को सरकारी रास्ता बताते हुए प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
इस दौरान सरना समाज के लोग शव यात्रा का लगातार विरोध करते रहे। तनाव की स्थिति को देखते हुए सीठियो नदी घाट और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तथा एसएसबी की टीम तैनात कर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। इधर, सीठियो गांव के लोगों ने प्रशासन से सरकारी रास्ते से श्मशान घाट तक जाने के लिए स्थायी रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं जिला प्रशासन स्थिति को शांत बनाए रखने में जुटा हुआ है। इस संबंध में उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या बहकावे में न आएं। जिला प्रशासन ने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया है।
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