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बहरागोड़ा में मिले 227 किलो के बम की सेना ने की जांच, ड्रोन से रखी पूरे इलाके पर नजर

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द फॉलोअप डेस्क
स्वर्णरेखा नदी तट पर मिले विशालकाय बम की सोमवार को रांची से पहुंचे सेना के विशेष टीम के द्वारा जांच की गई। करीब 227 किलोग्राम के इस विशालकाय बम को द्वितीय विश्व युद्ध के समय का अमेरिकी जिंदा बम बताया जा रहा है। इस विशालकाय बम की जांच करने सेना की विशेष टीम कैप्टन आयुष कुमार के नेतृत्व में पहुंची थी। सेना की टीम के द्वारा इस दौरान बम की वैज्ञानिक जांच की गई, जिसमें विस्फोटक की तीव्रता के साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से ड्रोन कैमरों के जरिए आसपास के रियाशी इलाकों की दूरी और भौगोलिक स्थिति का पूरा आकलन किया गया। साथ ही पूरे इलाके और गांवों का सर्वे भी किया गया है।


ऐसे में इस बम की जांच करने पहुंची सेना की टीम का नेतृत्व कर रहे कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने बहरागोड़ा के एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर को बताया कि शुरुआती जांच में यह जिंदा बम प्रतीत होता है। इसके विस्फोट की तीव्रता का आकलन किया जा रहा है। इस संबंध में सेना की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट सैन्य मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगी और उन्हीं के निर्देश के बाद बम को डिफ्यूज (निष्क्रिय) करने की कार्रवाई भी की जायेगी। बता दें कि स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी कि गांव में एक सिलेंडर नुमा वस्तु मिट्टी में दबी हुई है। इसके बाद सेना की मौजूदगी में उक्त स्थान की जेसीबी से खुदाई करायी गयी। जिसमें एक और विशाल खोखा बरामद हआ है। कैप्टन आयुष सिंह के अनुसार, खोखा को सुरक्षा के मद्देनजर इसे आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर नदी के किनारे सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है।


बता दें कि करीब 8 दिन पहले पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने इस बम को देखा था। जिसके बाद तुरंत बहरागोड़ा पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी। करीब 227 किलोग्राम के इस बम का आकार गैस सिलेंडर जैसा है। इसे द्वितीय विश्व युद्ध के समय का अमेरिकी जिंदा बम बताया जा रहा है, जो मिट्टी और बालू के नीचे दबा हुआ था। इस गैस सिलेंडर वाले आकार के बम पर AN-M64 500-LB… American Made… Unexploded (UXO) लिखा है। अभी एक दिन पहले इसी अमेरिकी खतरनाक जिंदा बम के साथ बहरागोड़ा के स्थानीय ग्रामीण फोटो खिंचवाते नजर आए थे। प्रशासन की अपील के बावजूद लोग बेखौफ होकर उसके करीब पहुंच रहे है और कई ग्रामीणों ने बम के साथ सेल्फी भी ली है। प्रशासन की मनाही के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर तस्वीरें लेते दिखाई दिए।