नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड अंतर्गत रद्दीपुर (ओपी) थाना क्षेत्र के श्रीरामगढ़िया निवासी शर्मिला हांसदा ने पुलिस अधीक्षक के पास आवेदन देकर प्रेमी संग शादी तथा अपने पेट में पल रहे भ्रूण को हत्या से बचाने की गुहार लगाई है। दरअसल, शर्मिला हांसदा अपने ही गांव श्रीरामगढ़िया के युवक राजेश टुडू से विगत डेढ़ वर्षों से प्रेम कर रही थी। प्रेम प्रसंग के दौरान शर्मिला हांसदा गर्भवती हो गई। शादी के लिए उसने अपना प्रेमी राजेश टुडू को कहा, जिस पर राजेश टुडू ने शादी करने के लिए सहमति जताई और दोनों परिवारों के सदस्य भी इस पर राजी हो गए। दोनों प्रेमी युगल बालिक हैं।
प्रेमी युगल संथाल आदिवासी होने के कारण गांव की प्रधान, दीदी मुनि मुर्मू ने उनकी शादी कराने से इनकार कर दिया और 13 सितंबर को ग्रामीणों के समक्ष पंचायत बैठाकर प्रेमी युगल और उनके परिवारों के बीच फैसला सुनाया। पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि प्रेमी युगल को शादी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और लड़की के पेट में पल रहे भ्रूण की हत्या करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, पंचायत ने यह भी फरमान सुनाया कि गांव के किसी भी परिवार के सदस्य के साथ कोई संवाद या संपर्क नहीं किया जाएगा और न ही वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
शर्मिला हांसदा ने इस मामले को लेकर रद्दीपुर (ओपी) थाना प्रभारी से भी शिकायत की, लेकिन थाना प्रभारी ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अंततः शर्मिला हांसदा ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक, पाकुड़ के पास एक लिखित आवेदन देकर अपनी व्यथा व्यक्त की है। अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रशासन शर्मिला हांसदा को उचित न्याय दिलवाने में सक्षम होगा और उसके पेट में पल रहे भ्रूण की हत्या को रोक पाएगा या नहीं।

