द फॉलोअप डेस्क, रांची
झारखंड की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रांची के पशुपालन निदेशालय में अधिकारियों के साथ एक योजना समीक्षा बैठक की। बैठक में जीव जंतु कल्याण बोर्ड और बीज निगम के कार्यों पर चर्चा की गई। मंत्री तिर्की ने बताया कि पशु कल्याण से जुड़े कार्यों को लेकर एक वृहद सेमिनार जल्द ही NGOs के साथ आयोजित किया जाएगा। उनका कहना था कि विभाग के पास बहुत सी जानकारी की कमी है, लेकिन NGOs इस क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर उनका योगदान स्पष्ट दिखाई देता है।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बीज उत्पादन के क्षेत्र में झारखंड के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्य आज बीज उत्पादन में न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य राज्यों को भी बीज आपूर्ति कर रहे हैं। वहीं झारखंड आज भी बीज के मामले में दूसरे राज्यों पर निर्भर है और विभाग हर साल लाखों-करोड़ों रुपये बीज खरीदने और वितरित करने पर खर्च करता है।
मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में विभाग की टीम ने कर्नाटक का दौरा किया था। जहां बीज उत्पादन से जुड़ी नीतियों और शोधों को अध्ययन किया गया। उन्होंने कहा कि झारखंड को कर्नाटक की नीतियों को अपनाकर बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना होगा, ताकि बीज वितरण में राज्य की एक अलग पहचान बन सके।