द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
JPSC-JSSC REFORM MANCH ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि जिन तथ्यों के आधार पर परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला कैबिनेट में लिया गया, उन्हें पूरी मजबूती और स्पष्ट तथ्यों के साथ न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाए। मंच के प्रवक्ता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार ने जिन तथ्यों के आधार पर 17 अगस्त को विभिन्न परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया, उन सभी तथ्यों को अब अदालत के समक्ष भी मजबूती से रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि CID की जांच से संबंधित जिस नोट और तथ्यों के आधार पर कैबिनेट ने परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था, उसे भी न्यायालय के समक्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अदालत के सामने साफ हो सके।
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उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में सरकार को किसी भी तथ्य को छिपाने या अस्पष्ट रखने के बजाय पूरी पारदर्शिता के साथ न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए। मंच के प्रवक्ता पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों पर FIR दर्ज की गई है, उसे लेकर भी सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज FIR को वापस लेने की दिशा में सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए।
