द फॉलोअप डेस्क
10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का असर आज जामताड़ा में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। हड़ताल के समर्थन में जिले के अधिकांश बैंक और सरकारी कार्यालय बंद रहे, जिससे सामान्य बैंकिंग और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतरे। साहिबगंज–गोविंदपुर मुख्य सड़क स्थित पसोई मोड़ पर प्रदर्शनकारियों ने घंटों तक जाम लगाया। इस दौरान यातायात प्रभावित रहा, हालांकि नेताओं ने मौके पर मौजूद राहगीरों और वाहन चालकों को जाम के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी और शांतिपूर्ण समर्थन की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसानों और मजदूरों की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। नेताओं ने कहा कि भारत-अमेरिका समझौते से किसानों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा चार लेबर कोड लागू कर बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने और मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने बिजली विधेयक और बीज विधेयक को आम जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि इन विधेयकों से किसानों, खेत मजदूरों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सभा में मौजूद कई राहगीरों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि वे जनहित के मुद्दों पर संघर्ष में साथ हैं और अस्थायी कठिनाइयों को सहने के लिए तैयार हैं।
.jpeg)