logo

एक्शन : दो सदस्यीय टीम करेगी खूंटी मामले की जांच, तोरपा थाना प्रभारी लाइन हाजिर

topra_2.jpg

खूंटी:
खूंटी में रविवार को हुई घटना को लेकर प्रशासन सख्त हो गई है। उक्त घटना की जांच  दो नए अधिकारी को सौंपी गई है। इस घटना की जांच अब जयदीप लकड़ा (Jaideep Lakda) और शाहिद रजा (Shahid Raza) करेंगे। वहीं घटना की निष्पक्ष जांच के मद्देजनर सत्यजीत कुमार, थाना प्रभारी, तोरपा को तत्काल प्रभाव से पुलिस केंद्र खूंटी (Police Station Khunti) वापस किया गया है। बता दें कि यह फैसला मांस कारोबारी कल्लू उर्फ इजहार अहमद भाई की थाना में आवेदन दिए जाने के बाद हुई। आवेदन में उच्च स्तरीय जांच करते हुए थाना प्रभारी, तोरपा सहित उपरोक्त सभी पदाधिकारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

आवेदन में क्या है
थाना में दिए आवेदन में आवेदक ने लिखा है कि पुलिस बिना वारंट के उसके बड़े भाई कल्लू उर्फ इजहार अहमद को पकड़ने के लिए उनके घर आई। दरवाजा को साबल, छेनी और पत्थर से मारकर तोड़ दिया। घर के अंदर प्रवेश कर गए और घर की महिलाओं के साथ गाली गलौज करने लगे। साथ ही पिता जो कि अधेड़ व्यक्ति हैं उनको रात को दिखाई नहीं देता है। उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। जिसके कारण पिता जमीन पर गिर गए और उनकी मौत हो गई। मृत्यु होने की बात जानकर थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार, वि वजीत ठाकुर, प्रीतम राज, महथी बोयपाई संकेत में कहते हुए भागने लगे कि बुड्ढा मर गया। आवेदक ने कहा कि सभी पदाधिकारियों के कारण उनके घर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की उच्च स्तरीय जांच करते हुए थाना प्रभारी, तोरपा सहित उपरोक्त सभी पदाधिकारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
क्या है मामला
झारखंड के खूंटी जिला के तोरपा थानाक्षेत्र के रोड़ो गांव में शनिवार रात को प्रतिबंधित मांस का कारोबार करने के फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पहुंची।  पुलिस का कहना है कि आरोपित के बुजुर्ग पिता की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को बंधक बनाये रखा। वहीं शव को उठाने से भी ग्रामीण मना कर रहे थे। इस मामले पर विधायक इरफान अंसारी ने की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि झारखंड में पुलिस द्वारा उत्तरप्रदेश मॉडल पर काम करना नहीं चलेगा।घर पर मौजूद महिला,बच्चे एवं बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार, गाली गलौज एवं धक्का मुक्की करती है। ऐसी हकरत किसी भी क़ीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीजीपी से लोगों को उम्मीद है कि अपने पुलिस महकमे को नियंत्रण में रखें।

विधायक ने मुख्यमंत्री से किया अनुरोध
इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि इस मामले पर कठोर करवाई होनी चाहिए। जिससे इस समाज का पुलिस और सरकार पर भरोसा बना रहे। उन्होंने कहा कि खूंटी एसपी सहित दोषी पुलिस वालों पर 302 के तहत हत्या का मुक़दमा दर्ज हो और कार्रवाई की जाए।