जामताड़ा:
अब अवैध खनन में लिप्त माफिया पर ड्रोन से निगाह रखी जाएगी. शुक्रवार को उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में चर्चा हुई कि कैसे जिले में अवैध खनन, परिवहन और व्यापार पर लगाम लगाया जाए. डीसी ने साफ निर्देश दिया है कि जिले में कोयला, बालू और पत्थर के अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए. खनन माफिया की निगहबानी के लिए जिला प्रशासन ने ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है.
पुलिस-CISF जवान रात में पेट्रोलिंग करेंगे
अवैध खनन की ड्रोन से निगरानी करने के अलावा इस बैठक में तय किया गया कि नाला थानाक्षेत्र अंतर्गत पांडेश्वर इलाके में बंद खदानों में अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस के साथ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान रात को पेट्रोलिंग और छापेमारी करेंगे. खदानों में बने अवैध गड्ढों कीी डोजरिंग का निर्देश भी उपायुक्त ने दिया. ईसीएल प्रबंधन को यह निर्देश दिया गया है कि चितरा से जामताड़ा साइडिंग तक गश्त बढ़ाई जाए. कोयला परिवहन में लगे वाहनों के लिए समय सीमा निर्धारित की जाएगी ताकि रास्ते पर अनावश्यक दबाव ना बढ़े. नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया जायेगा.
तिरपाल ढंककर होगी कोयले की ढुलाई
उपायुक्त ने कहा कि कोयला ढुलाई अनिवार्य रूप से तिरपाल ढंककर करनी होगी ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके. इसका उल्लंघन करने वाले के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. समीक्षा बैठक में बताया गया कि लघु और वृहत खनिजों के लिए अवैध परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है. कुल 88 मामले सामने आए जिनमें 113 वाहनों को जब्त किया गया. 22 के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई. इस दौरान जुर्माने के रूप में 24,32,500 रुपये की वसूली हुई है.
बैठक में एसपी के अलावा ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता, सीआरपीएफ कमांडेंट आर एस गौतम, उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार सहित ईसीएल और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का निर्देश दिया.