साहिबगंज
साहिबगंज के उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने बोरियो प्रखंड अंतर्गत विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। उपायुक्त, सबसे पहले राजकीय अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से भी बातचीत की और स्कूल में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। स्कूल के प्रधानाध्यापक नदारद थे, जिसपर डीसी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रधानाध्यापक का वेतन स्थगित करने और शोकॉज करने का निर्देश दिया।

स्कूली बच्चों से उपायुक्त ने किया संवाद
उपायुक्त ने स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति पंजी, रोस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच करने के अलावा मिड-डे-मील की गुणवत्ता को भी परखा। उपायुक्त ने कहा कि भोजन की स्वच्छता और पोषण मानकों का पालन सुनिश्चित हो। स्कूल परिसर में मौजूद 2 चापाकल और 1 बोरिंग खराब हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि इसे दुरुस्त करके बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने बांझी में पीएचसी का निरीक्षण किया और चिकित्सकों-कर्मियों की उपस्थिति की जानकारी ली। पीएचसी में उपलब्ध दवाइयों और वैक्सीन की उपलब्धता की जानकारी लेने के बाद उन्होंने प्रसूता वार्ड, पुरुष-महिला वार्ड और पेयजल सुविधा का जायजा लिया। उपायुक्त को बताया गया कि पीएचसी में सोलर लाइट खराब है। पोर्टिको में पेवर ब्लॉक की आवश्यक्तता है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया।
बोरियो सीएचसी में वैक्सीन पर दिया निर्देश
उपायुक्त ने सीएचसी, बोरियो का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, पारिचारिका कक्ष, लैब, नेत्र जांच, टीकाकरण, शीत श्रृंखला और एक्स-रे कक्ष का मुआयना किया। उन्होंने अस्पताल के कर्मियों को निर्देश दिया कि विशेष रूप से एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए।

बोरियो प्रखंड सभागार में डीसी की समीक्षा बैठक
डीसी दीपक कुमार दुबे ने बोरियो प्रखंड समागार में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों का परिचय पूछा और फिर मौजूदा कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होने बोरियो प्रखंड अंतर्गत 17 पंचायतों की स्थिति की समीक्षा की तथा पंचायत सचिवों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल की। उन्होंने निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज में अंतिम पायदान तक खड़े लाभुक तक पहुंचना चाहिए। कर्मियों को जवाबदेह होने को कहा।