द फॉलोअप डेस्क
राज्य सरकार ने वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों के लिए फिर रेड बर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड को ही कांट्रैक्ट विस्तार दिया है। रेड बर्ड को छह महीने के लिए कांट्रैक्ट विस्तार दिया गया है। कांट्रैक्ट विस्तार वित्त विभाग के नियमावली को शिथिल करते हुए दिया गया है। यहां मालूम हो कि किसी भी बड़े काम के लिए टेंडर करने का प्रावधान है। लेकिन सरकार ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए कैबिनेट की स्वीकृति लेते हुए रेड बर्ड को कांट्रैक्ट विस्तार दिया गया है। पूर्व में भी वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों के लिए रेड बर्ड के साथ राज्य सरकार का कांट्रैक्ट था। यह कांट्रैक्ट 5 नवंबर 2025 को समाप्त हो चुका था। हालांकि उसके बाद भी रेड बर्ड ही वीआईपी उड़ान की सेवा उपलब्ध कराते आ रहा था।
कैबिनेट द्वारा गुरुवार को दी गयी स्वीकृति के अनुसार रेड बर्ड वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों के लिए एक टर्बो प्रॉप ट्वीन इंजन (B-250/B-200)GT विमान उपलब्ध कराएगा। यह टू प्लस फाइव सीटर होगा। इसके लिए राज्य सरकार प्रति घंटा 1.60 लाख रुपए की राशि का भुगतान करेगी। लेकिन उड़ान नहीं भी भरने पर कंपनी को प्रति माह न्यूनतम 60 घंटे का भुगतान किया जाएगा। कंपनी को प्रति माह अधिकतम 96 लाख और छह महीने के लिए 5.76 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। यहां मालूम हो कि रेड बर्ड एयरवेज का ही एयर एंबुलेंस 23 फरवरी को लातेहार के पास चतरा के जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें मरीज सहित सभी सात लोगों की मृत्यु हो गयी थी।

कमर्शियल पायलट प्रशिक्षण के लिए प्रवेश की प्रक्रिया तय हुई
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्युट के द्वारा दुमका हवाई अड्डे पर संचालित कमर्शियल पायलट लाइसेंस विथ मल्टी इंजन रेटिंग प्रशिक्षण अकादमी में प्रवेश की शर्तें निर्धारित कर दी गयी है। कैबिनेट ने इस पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। यहां कुल 30 युवाओं को प्रथम बैच में कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें 15 युवाओं को राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनमें सात सामान्य, चार एसटी, एक एससी, एक ओबीसी-1, एक ओबीसी-टू और एक आर्थिक रूप के कमजोर वर्ग के छात्र होंगे। यहां प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता साइंस में प्लस टू की डिग्री होगी। कुल 300 अंकों की परीक्षा ली जाएगी। उसमें जेनरल इंग्लिश-100 अंक, मैथ-50 अंक, फिजिक्स-50 अंक, रिजनिंग-50 अंक और करेंट अफेयर्स-50 अंकों का होगा।
