द फॉलोअप डेस्क
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने राज्य सरकार पर इंटर के छात्रों की समस्याओं के समाधान में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले से जानती थी कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत डिग्री कॉलेजों से इंटर की पढ़ाई को अलग करना है, फिर भी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में इंटर की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी नहीं की।
डॉ. गोस्वामी ने कहा कि मैट्रिक का परीक्षाफल प्रकाशित हुए डेढ़ महीना बीत चुका है, इसके बावजूद इंटर में नामांकन की समुचित व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। इंटर प्रथम वर्ष में नामांकन लेने वाले विद्यार्थी कॉलेज और विद्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। वहीं, डिग्री कॉलेजों में इंटर द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं पढ़ाई बंद होने की स्थिति में असमंजस में हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण विद्यार्थी पढ़ाई की मांग को लेकर सड़क पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। राज्य में इंटर की पढ़ाई की स्थिति पूरी तरह अराजक हो चुकी है। डॉ. गोस्वामी ने सरकार से मांग की है कि वह अविलंब सभी मैट्रिक उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए इंटर प्रथम वर्ष में नामांकन की व्यवस्था सुनिश्चित करे तथा डिग्री कॉलेजों में पढ़ रहे इंटर द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए एक वर्ष तक उसी कॉलेज में पढ़ाई की व्यवस्था करे। साथ ही, उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि डिग्री कॉलेजों के इंटर संकायों में वर्षों से कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों का डिग्री कॉलेजों में ही समायोजन किया जाए।
