द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिला में मां दुर्गा की पूजा कई स्थानों पर होती है, लेकिन इन सबके बीच बड़ा दुर्गा मंदिर की पूजा विशेष महत्व रखती है। यहां की परंपरा वर्ष 1931 में शुरू हुई थी और आज भी उसी परंपरागत विधि से पूजा की जाती है। बड़ा दुर्गा मंदिर में आज भी मां दुर्गा का आह्वान उसी बेल के पेड़ के नीचे किया जाता है, जहां 1931 में पहली बार पूजा हुई थी। पहले यह पेड़ खुले स्थान पर था, लेकिन जब बड़ा घर बनाया गया, तब भी जमीन मालिक ने इस बेल के पेड़ के हिस्से को नहीं काटा।
आज भी मंदिर के सदस्य इसी स्थान पर पूरी विधि-विधान से पूजा कर कलश लेकर जाते हैं और उसे मंदिर में स्थापित कर वहां मां दुर्गा की विधिवत पूजा होती है। पुरोहित इस परंपरा को आस्था और विश्वास का प्रतीक मानते हैं। वहीं, लोगों में भी इस पूजा को लेकर खासा आकर्षण देखा जाता है। यह परंपरा आज भी गुमला जिला की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए है।
