द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत गुदड़ी मार्केट के पास वर्धमान ज्वेलर्स में अज्ञात अपराधियों द्वारा विगत 3 सितंबर को दिनदहाड़े डकैती की बड़ी घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले का खुलासा जमशेदपुर की पुलिस ने कर दिया है। साथ ही डकैती में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पकड़े गये अपराधियों के निशानदेही पर पुलिस ने देसी पिस्टल, मैगजीन, दो गोली, हुंडई कार समेत दो पल्सर बाइक और पांच मोबाईल फोन भी बरामद किया है। जबकि कांड में संलिप्त अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापामारी की जा रही है।
इस संबंध में गुरुवार को जमशेपुर के एसएसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना और तकनीकी शाखा की मदद से मिले इनपुट के आधार पर गठित एसआईटी टीम ने छापामारी कर तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमश एक अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य हैं। यह गिरोह झारखंड के अलावा, बिहार और छत्तीसगढ़ में डकैती की घटनाओं को अंजाम देता है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में विष्णु शंकर राय, सौरभ मेहता उर्फ सोनू और सुरज कुमार शामिल हैं। विष्णु शंकर राय बिहार के आरा जिले के नवादा थाना क्षेत्र स्थित विष्णु नगर बैंक कॉलोनी का रहने वाला है। सौरभ मेहता झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के नदियाइन गांव का रहने वाला है। जबकि, सूरज कुमार पलामू के हरिहरगंज का रहने वाला है।
उन्होंने बताया कि इस कांड का खुलासा करने में पुलिस की तकनीनी सेल ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने जमशेदपुर से लेकर पलामू तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसके बाद घटना में शामिल विष्णु शंकर की गिरफ्तारी के लिए एक टीम बिहार भेजी गई। जिसके बाद आरा के भोजपुर से पुलिस ने आरोपी विष्णु शंकर को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि घटना को अंजाम देने में उसके साथ सौरभ मेहता और सूरज कुमार भी शामिल था। यह दोनों पलामू जिले के रहने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने रेड कर औरंगाबाद से सौरभ मेहता को गिरफ्तार किया। सूरज पलामू के हरिहरगंज से दबोचा गया।
बता दें कि इस गिरोह ने सात सितंबर को रामगढ़ में भी एक ज्वैलर्स के यहां लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में दो घटनाओं में इस गिरोह का हाथ रहा है। बिहार में इस गिरोह ने कई घटनाओं को अंजाम दिया। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह सोनारी के वर्धमान ज्वैलर्स में 30 सितंबर को ही डकैती करने वाला था। उस दिन इनकी एक बाइक खराब हो जाने की वजह से घटना टल गई थी। वहीं, घटना वाले दिन वर्धमान ज्वैलर्स में डकैती डालने के लिए छह बदमाश दो बाइक से पहुंचे थे। चार पहिया वाहन पर तीन बदमाश सड़क पर आगे इनका इंतजार कर रहे थे। बदमाशों का प्लान था कि डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद जब छह बदमाश निकलेंगे तो बाइक को कहीं ठिकाने लगा देंगे। इसके बाद सभी लोग कार से निकल भागेंगे।
पुलिस के अनुसार यह पूरा गिरोह झारखंड और बिहार के कई जिलों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है। इस एसआईटी टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक मनोज ठाकुर और सन्नी वर्धन ने किया। उनके साथ सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन डे, साइबर थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद, जांच अधिकारी धनंजय कुमार सिंह समेत तकनीकी शाखा की टीम शामिल थी।
