द फॉलोअप डेस्क
विधानसभा में सत्ता पक्ष के तीन विधायकों ने हजारीबाग जिले में एनटीपीसी की केरोडारी, चट्टी बरियातु सहित चार कोल खनन परियोजनाओं से प्रभावित रैयतों का मामला उठाया। राजद विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि कोल परियोजनाओं के लिए 423 एकड़ रैयती भूमि, 198 एकड़ जीएम लैंड और 322 एकड़ वन भूमि का अधिग्रहण किया गया है। कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने कुल 8361.65 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इससे कितने परिवार विस्थापित हुए और कितने परिवारों को आरआर पॉलिसी के तहत पुनर्वास, रोजगार और नियोजन की व्यवस्था की गयी। कांग्रेस विधायक ममता देवी ने भी यही सवाल उठाया कि कितने रैयतों को मुआवजे का भुगतान और नियोजित किया गया।
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विधायकों के इन सवालों के जवाब में प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बार बार यही दुहराते रहे कि मूल सवाल में अधिग्रहित जमीन से अधिक भूमि पर कंपनी द्वारा खनन की बात गयी है। विधायक बतायें कि कहां इस तरह का खनन किया जा रहा है। यह भी बतायें कि किन रैयतों को उनका आरआर पॉलिसी का लाभ नहीं मिला है। उनकी संख्या कितनी है। किसी भी विधायक ने तथ्यात्मक और तार्किक ढंग से प्रभारी मंत्री के सवालों का जवाब नहीं दे सके और सदन में विषय उठने के साथ समाप्त हो गया।
