द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में खनन विभाग की टीम ने अवैध रूप से बालू लदे एक ट्रैक्टर को पकड़कर थाना परिसर में जमा किया। वाहन को सुरक्षित रखने हेतु खनन विभाग द्वारा थाना पुलिस को लिखित आवेदन भी सौंपा गया। हालांकि, घटना को बीते 20 घंटे गुजर जाने के बाद भी किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश लागू हैं, तब भी बालू का परिचालन कैसे धड़ल्ले से जारी है।
जानकारी के अनुसार, खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बालू लोड किए गए ट्रैक्टर को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कर दिया। लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं दी गई है। एनजीटी के नियमों के अनुसार अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए कठोर कार्रवाई अनिवार्य है, लेकिन घाघरा थाना क्षेत्र में विभागीय लापरवाही साफ झलक रही है। इससे यह संदेश जा रहा है कि खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से ही बालू का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो अवैध खनन पर लगाम लगाना मुश्किल हो जाएगा और पर्यावरणीय नुकसान के साथ-साथ राजस्व की भी भारी हानि होती रहेगी।
इस संबंध में थाना प्रभारी पुनीत मिंज से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि खनन विभाग द्वारा थाना परिसर में अभिरक्षा में सुरक्षित वाहन रखने का निर्देश प्राप्त हुआ है। अग्रतर कार्रवाई हेतु किसी भी तरह का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। इस संबंध में खनन पदाधिकारी को दूरभाष पर संपर्क किए जाने पर फोन स्विच ऑफ आया। वहीं, खनन इंस्पेक्टर को दूरभाष पर संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। अवैध बालू तस्करी में पकड़े गए ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट भी नहीं लगा हुआ था ताकि वाहन की पहचान न हो सके।
