द फॉलोअप, जामताड़ा:
Jharkhand News: UPI के व्यापारिक इस्तेमाल पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लागू किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को जामताड़ा के गांधी चौक पर जामताड़ा जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (Chamber of Commerce and Industries) द्वारा एक घंटे का उपवास रखते हुए धरना प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में चैंबर पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी शामिल हुए और सरकार से इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि यदि 0.4% एमडीआर लागू होता है, तो इसका सीधा वित्तीय बोझ व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि देश भर के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री (Prime Minister Modi)के 'डिजिटल इंडिया' अभियान (Digital India) को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
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शुल्क लगाने से व्यापारियों का बजट बिगड़ेगा
वर्तमान में देश में व्यापक स्तर पर यूपीआई लेनदेन हो रहा है, ऐसे में शुल्क लगाने से व्यापारियों का बजट बिगड़ेगा। संजय अग्रवाल ने बताया कि इस फैसले के खिलाफ व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया है, जिस पर अदालत ने सरकार से जवाब तलब किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 अक्टूबर से पहले एमडीआर प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो व्यापारी यूपीआई से भुगतान स्वीकार न करने को लेकर आगे की रणनीति बनाएंगे। फिलहाल 2 अक्टूबर को प्रस्तावित 'No UPI Transaction Day' स्थगित कर दिया गया है, क्योंकि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders) को वित्त मंत्री (Finance Minister) से इस पर पुनर्विचार का आश्वासन मिला है। फतेहपुर चैंबर के अध्यक्ष अरविंद मंडल ने भी प्रस्ताव पर चिंता जताई।
