logo

कोषागारों की चूक से करोड़ों का अतिरिक्त भुगतान, महालेखाकार की जांच में हुआ खुलासा

treasury_ghotaala.jpg

रांची
झारखंड के चक्रधरपुर और चाईबासा समेत कई कोषागारों में पेंशन भुगतान को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. महालेखाकार की जांच में खुलासा हुआ है कि इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) और पेंशन पेमेंट मॉड्यूल की खामियों के कारण 47 पेंशनरों को कुल 2.03 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया. जांच में पाया गया कि यह गड़बड़ी सिर्फ एक-दो मामलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि रांची, चाईबासा, खूंटी और चक्रधरपुर कोषागारों में व्यापक स्तर पर भुगतान प्रक्रिया में लापरवाही और तकनीकी कमजोरियां सामने आईं.
महालेखाकार की रिपोर्ट के अनुसार अनियमितताओं के तीन प्रमुख पैटर्न उभरकर सामने आये हैं. पहला, एक ही ऑथराइजेशन के आधार पर दो बार भुगतान कर दिया गया. दूसरा, गलत व्यक्ति के खाते में राशि ट्रांसफर हुई. तीसरा, गलत बिलिंग के कारण निर्धारित राशि से अधिक भुगतान कर दिया गया. रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि IFMS जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम इन त्रुटियों को समय रहते पकड़ने में विफल रहे, जिससे वित्तीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
सबसे चौंकाने वाला मामला एक ट्रेजरी अधिकारी की चूक से जुड़ा है, जहां भुगतान के दौरान राशि में एक अतिरिक्त जीरो जोड़ दिया गया. नतीजतन, 6.90 लाख रुपये की जगह सीधे 69 लाख रुपये का भुगतान हो गया. महालेखाकार की इस रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन तंत्र, खासकर डिजिटल भुगतान प्रणाली की विश्वसनीयता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं.

 

Tags - Jharkhand treasury scam pension payment irregularities Jharkhand IFMS Jharkhand issue pension fraud India Chaibasa treasury scam Chakradharpur treasury irregularities Ranchi treasury audit report Khunti treasury financial mismanagement