द फॉलोअप डेस्क
पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत केंदुआ पंचायत के तेलोपाड़ा और पहाड़पुर गांव के संथाल आदिवासी ग्रामीणों को वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ स्वीकृत हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास निर्माण का कार्य पंचायत सचिव और एक बिचौलिया द्वारा कराया गया। दोनों की मिलीभगत से लाभुकों को यह भरोसा दिलाया गया कि उनका मकान पूरी तरह बनाकर दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि आवास योजना की पूरी राशि निकाल ली गई, लेकिन मकान का निर्माण केवल लिंटल तक ही किया गया और उसके बाद काम रोक दिया गया। जब प्रखंड कार्यालय की ओर से लाभुकों को आवास निर्माण पूरा करने को लेकर नोटिस भेजा गया, तब बिचौलिया ने एक बार फिर मकान पूरा कर देने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद कई साल बीत जाने के बाद भी मकानों की छत की ढलाई नहीं कराई गई। जब लाभुक अपने अधूरे मकानों की समस्या को लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि कागजों में उनका आवास पूर्ण दिखाया गया है। यह जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों को गहरा झटका लगा। इसके बाद सभी लाभुक पंचायत सचिव और बिचौलिया के खिलाफ शिकायत लेकर पाकुड़ उपायुक्त के कार्यालय पहुंचे।

हालांकि उस दिन उपायुक्त जनता दरबार में उपस्थित नहीं थे, इसलिए ग्रामीणों ने कार्यालय में ही लिखित शिकायत आवेदन जमा किया और वापस लौट गए। लाभुकों की मांग है कि उनके अधूरे मकानों को छत तक पूरा कराया जाए और इस मामले में दोषी बिचौलिया व पंचायत सचिव पर कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने बताया कि वे संथाल आदिवासी हैं और अधिकतर को हिंदी भाषा बोलना भी नहीं आता। किसी तरह दूसरों से आवेदन लिखवाकर वे उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचे, लेकिन उपायुक्त से मुलाकात नहीं हो सकी।
