गुमला/रांची
झारखंड में पेसा कानून लागू करने की मांग काफी लंबे समय से की जा रही है, बावजूद इसके अब तक यह कानून राज्य में लागू नहीं हो पाया है। पेसा कानून की अनदेखी को लेकर आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश है। इसी आक्रोश के तहत 11 जुलाई को गुमला के बाबा कार्तिक उरांव के समाधि स्थल से पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा निशा भगत के नेतृत्व में निकाली जाएगी।
पदयात्रा को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में मौली पड़हा देवराम भगत, केंद्रीय सरना समिति झारखंड के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की, उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, मौली पड़हा के महेंद्र उरांव, केंद्रीय सरना समिति की प्रवक्ता एंजेल लकड़ा, सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र भगत और गुमला पड़हा समिति के विनोद मिंज सहित कई आदिवासी सामाजिक संगठनों और लोगों ने भाग लिया। सभी ने पदयात्रा को समर्थन देते हुए मीडिया के सामने अपनी बात रखी। यह पदयात्रा राज्यपाल भवन तक जाएगी, जहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
