रांची:
मुंबई में हुए आतंकी हमले की आज 14वीं बरसी है। इसे लेकर RU में शहीद जवानों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही आज देश के संविधान को बनें 73 साल पूरा हो गया। इसी उपलक्ष्य में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में ग्रामीण विकास के विद्यार्थियों सहित ग्रामीण विकास के शिक्षक और मानव विज्ञान विभाग के शिक्षकों ने भी अपनी बात रखी।

जब भी देश को जरूरत हो हर युवा को आगे बढ़कर योगदान देना चाहिए
ग्रामीण विकास के निदेशक डॉ.दिनेश कुमार ने संविधान के निर्माण और इसे लागू करने के विषय में विस्तृत रूप से समझाया ।ग्रामीण विकास के शिक्षक डॉ. अटल पांडेय ने मुंबई हमले और संविधान दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश पहले की भावना हम सब में विकसित होनी चाहिए और जब भी देश को जरूरत हो हर युवा को आगे बढ़ चढ़के देश के विकास में योगदान देना चाहिए। कुछ ऐसे तत्व हैं जो देश के संविधान और देश की अखंडता पर लगातार हमला करते रहते हैं। ऐसे लोगों को करारा जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
आज संविधान के निर्माताओ और मुंबई हमले में शहीद जवानों को याद करने का दिन
मानव विज्ञान की शिक्षिका मालवी विश्वकर्मा ने संविधान से जुड़े नियम और कानून पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं से संविधान की जानकारी रखने और समय पर उपयोग करने की शिक्षा दी।कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण विकास के शिक्षक मनीष साहू ने कहा कि आज संविधान के निर्माताओ को याद करने के साथ-साथ मुंबई हमले में शहीद हुए उन वीर सपूतों को भी याद करने का दिवस है।

2 मिनट का मौन भी रखा गया
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण विकास की शिक्षिका अनिमा लकड़ा एवं शिरीन गुल ने संविधान के प्रति कर्तव्य और अधिकारों की चर्चा के साथ ही संविधान निर्माता समूह में झारखंड के प्रतिनिधियों का भी वर्णन किया ।कार्यक्रम के अंत में कक्षा प्रतिनिधि प्रवीण सोरेन ने सभी छात्रों एवं शिक्षकों को संविधान की शपथ दिलाई एवं मुंबई हमले में शहीद हुए वीर जवानों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 2 मिनट का मौन भी रखा गया ।