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गढ़वा में महुआ चुनने गए दो लोगों को हाथियों ने कुचलकर मारा

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द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा जिले में बीते 24 घंटे में जंगली हाथियों के झुंड ने दो लोगों को कुचल कर मार डाला, जिससे पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल फैल गया है। पहली घटना रंका के बाहोकुदर में हुई, जबकि दूसरी दर्दनाक घटना धुरकी थाना क्षेत्र के कदवा (उर्फ लिखनी धौरा) गांव में सामने आई। जानकारी के अनुसार, महुआ चुनने गए 62 वर्षीय दईब कोरवा जंगल में हाथियों के हमले का शिकार हो गए। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजन और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की, और जंगल में उनका शव हाथियों के पैरों के निशान के पास बरामद हुआ।


ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हाथियों का झुंड सक्रिय था, और दईब कोरवा अनजाने में इनके संपर्क में आ गए। हमला इतना भीषण था कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक परिवार के मुखिया थे, और उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वनपाल प्रमोद कुमार यादव और धुरकी पुलिस टीम मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जबकि इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


इस घटना पर डीएफओ अंशुमान राजहंस ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मृतक के परिवार के साथ विभाग खड़ा है। सरकारी प्रावधान के तहत 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जिसमें तत्काल 50 हजार रुपये परिवार को दिए जाएंगे और शेष राशि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी। पिछले कई वर्षों से धुरकी थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। झुंड अक्सर गांवों और खेतों की ओर रुख कर रहा है, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए ठोस और स्थायी उपाय करने की मांग की है।