रांची:
झारखंड में अवैध खनन मामले (Illegal mining cases) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) को समन किया गया था। जिसे लेकर UPA के नेताओं में काफी आक्रोश है। सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे केंद्र सरकार की साजिश करार दिया है। सीएम हेमंत सोरेन के समन के खिलाफ यूपीए 5 नवंबर यानी आज शक्ति प्रदर्शन करेगा। उसको लेकर यूपीए के घटक दल झारखंड मुक्ति मोर्चा,कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल केंद्र सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन करेंगे।

राष्ट्रपति को भेजा जाएगा ज्ञापन
इस बात की जानकारी केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने दी उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार को केंद्र के इशारों पर स्थिर करने की जो कोशिश की जा रही है,उसके खिलाफ महागठबंधन के तीनों घटक दल अपने-अपने पार्टी कार्यालय या फिर किसी निर्धारित जगह से निकेंलेगे। पार्टी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगी। सभी जिले के समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। रांची में यह कार्यक्रम रांची कलेक्ट्रेट के सामने होगा। यहां कई बड़े नेता प्रदर्शन में शामिल होंगे।

सीएम ने दिया था ईडी को चुनौती
बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन को अवैध खनन मामले ईडी के द्वारा समन कर 3 नवंबर को कार्यलय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जहां कि सीएम नहीं गए थे। ईडी के समन के बाद सीएम ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। वे चुनौती देने की मुद्रा में हैं और उसी अंदाज में विरोधियों पर पलटवार की भी तैयारी है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्पष्ट कहा है कि अगर सरकार के साथ साजिश हुई तो छोड़ेंगे नहीं। बता दें कि गुरुवार को रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थकों की जुटी भीड़ का भी अंदाज देखने लायक था। मोर्चा के निशाने पर केंद्रीय एजेंसियां, राज्यपाल और भाजपा थी।