नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले में राष्ट्रीय पोषण माह 2025 के अंतर्गत शनिवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और अभिभावकों की सहभागिता से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के स्वागत से हुई, इसके बाद बच्चों से प्रार्थना और योग करवा कर उन्हें शारीरिक गतिविधियों में भागीदारी दी गई। बच्चों ने फूल, फल और पत्तों की मदद से “पोषण माह” थीम पर आकर्षक रंगोली बनाई। इस दौरान “माँ के नाम एक पेड़” विषय पर विशेष रंगोली भी बनाई गई, जिससे बच्चों को पेड़ों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिला।

बच्चों ने पोषण पर आधारित कविताएँ भी प्रस्तुत कीं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ। आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर बने ABCD और 123 के शैक्षिक चित्रों की मदद से बच्चों ने खेल-खेल में पढ़ाई की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को हाथ धोने और स्वच्छता की आदत के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके बाद सभी बच्चों को पौष्टिक भोजन कराया गया। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण (सुईकरण) भी किया गया, साथ ही माताओं को पोषण आहार से संबंधित पैकेट वितरित किए गए।
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा, "राष्ट्रीय पोषण माह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों में सही खान-पान, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का विकास करना अत्यंत आवश्यक है। आज जिस उत्साह के साथ बच्चों और अभिभावकों ने भाग लिया है, वह बताता है कि समाज अब स्वास्थ्य और पोषण को लेकर गंभीरता से आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा स्वस्थ, पोषित और सशक्त बने।" कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक उपस्थित रहे और कार्यक्रम का लाभ उठाया।
